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Showing posts from April, 2026

डोनाल्ड ट्रम्प का बेबाक आचरण - 'टैरिफ' और 'युद्ध.'

     अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जब विश्व के कई देशों के उत्पादों व सेवाओं पर आयात शुल्क बढ़ाया, तो उन देशों में उनका बड़े पैमाने पर विरोध किया जाने लगा. मेरे समझ से टैरिफ को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का विरोध बिल्कुल गलत था और है भी. आखिर अमेरिकी राष्ट्रपति अपने देश के संरक्षक हैं, और उन्हें अपने देश के हितों से सम्बंधित किसी भी निर्णय की स्वतंत्रता है; विशेषकर व्यापार के मामले में यदि वे इस प्रकार के निर्णय लेते हैं, तो वह उनका अधिकार है और किसी को उनसे कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. टैरिफ में बदलाव मात्र तभी गलत माना जा सकता है, जब किसी ऐसी डील की टैरिफ में एकतरफा बदलाव किया जाए जो सरकारी स्तर पर पहले से की जा चुकी हो. टैरिफ को लेकर उनके तर्क पूरी तरह से जायज हैं. उन्होंने कहा है कि जिन देशों से उन्हें व्यापारिक घाटा है, उन्हें उन देशों के साथ उस व्यापारिक घाटे को बराबर करना है. यह पूर्णतया एक आर्थिक निर्णय है और सर्वथा उचित भी है. अमेरिका पर कर्ज बोझ अधिक है और अपने कर्ज के बोझ को कम करने के लिए डोनाल्ड ट्रम्प ने टैरिफ का इस्तेमाल किया जो एकदम जायज है...